
झारखंड: दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र के बूढ़ीडंगाल गांव में मंगलवार शाम हुए वज्रपात ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। आकाशीय बिजली गिरने से दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिवार गहरे सदमे में है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब सात बजे तेज बारिश और गर्जन के दौरान अचानक जोरदार बिजली गिरी। उस समय शिवलाल मुर्मू का परिवार घर के अंदर मौजूद था। परिवार के सदस्य घर के बाहर और भीतर अलग-अलग जगह थे, जबकि तीन बच्चे कमरे में सो रहे थे। अचानक हुए वज्रपात से घर में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पल में 11 वर्षीय मीरू मुर्मू और 6 वर्षीय अनिता मुर्मू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 वर्षीय देवीलाल मुर्मू बेहोश हो गया। घायल बच्चे का इलाज स्थानीय स्तर पर किया गया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां सोनामुनी बास्की अपनी दोनों बेटियों को याद कर बार-बार बेहोश हो जा रही हैं, वहीं पिता शिवलाल मुर्मू भी गहरे सदमे में हैं। गांव में भी शोक की लहर है और लोग इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और एक छोटे से कच्चे मकान में आठ सदस्य रहते थे। पक्के आवास की सुविधा नहीं मिलने से भी ग्रामीणों में चर्चा है। लोग इसे प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ व्यवस्था की कमी के रूप में भी देख रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर पहुंचे। सांसद प्रतिनिधि जोन सोरेन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई और तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने प्रशासन से परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग की। गांव में दोनों बहनों की सहेलियां भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं और भावुक माहौल बन गया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन द्वारा आगे की सहायता और मुआवजे की प्रक्रिया की बात कही जा रही है।





